अब सरकारी योजनाओं के लिए नहीं लगानी होगी कतार, महाराष्ट्र में शुरू होगी महा-आईडी

मुंबई: महाराष्ट्र सरकार राज्य के हर नागरिक को एक डिजिटल पहचान देने की तैयारी कर रही है। इसके लिए ‘महा-आईडी’ व्यवस्था शुरू की जाएगी। सरकार का उद्देश्य सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से सरकारी योजनाओं और सेवाओं को तेज, पारदर्शी और घर बैठे उपलब्ध कराना है।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, ‘महा-आईडी’ कोई अलग पहचान पत्र नहीं होगी, बल्कि आधार से जुड़ी एकीकृत डिजिटल पहचान संख्या होगी। नागरिकों को विभिन्न सरकारी सेवाओं के लिए बार-बार अलग-अलग पंजीकरण और पहचान सत्यापन की जरूरत न पड़े, इसी उद्देश्य से यह व्यवस्था तैयार की जा रही है।
‘महा-सारथी’ पोर्टल से संचालित होगी व्यवस्था
यह डिजिटल व्यवस्था इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विभाग के अंतर्गत ‘महा-सारथी’ पोर्टल के जरिए संचालित की जाएगी। नागरिक पोर्टल पर पंजीकरण कर आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएंगे, जिसके आधार पर डिजिटल ‘महा-आईडी’ तैयार की जाएगी।
सरकार की योजना है कि इसी एक आईडी के जरिए नागरिक अलग-अलग सरकारी योजनाओं और सेवाओं के लिए आवेदन कर सकें।
बार-बार दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं
‘महा-आईडी’ लागू होने के बाद नागरिकों को सरकारी योजनाओं, सब्सिडी और सेवाओं का लाभ लेने के लिए हर बार पहचान से जुड़े दस्तावेज जमा करने की जरूरत कम हो जाएगी। सरकार के विभिन्न विभागों के पास पहले से मौजूद डोमिसाइल सर्टिफिकेट, आय प्रमाण पत्र और राशन कार्ड जैसे रिकॉर्ड का इस्तेमाल पात्र सेवाओं के लिए किया जा सकेगा।
इससे नागरिकों को एक ही जानकारी अलग-अलग विभागों में बार-बार देने और दस्तावेजों की प्रतियां जमा करने की परेशानी से राहत मिलने की उम्मीद है।
छात्रों, किसानों और महिलाओं को होगा फायदा
एकीकृत डिजिटल व्यवस्था से छात्रों, किसानों, वरिष्ठ नागरिकों, महिला उद्यमियों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है।
अभी छात्रों को छात्रवृत्ति के लिए अलग-अलग पोर्टल पर पंजीकरण करना पड़ता है। किसानों को सब्सिडी के लिए पहचान, जमीन और बैंक खाते से जुड़ी जानकारी बार-बार देनी पड़ती है। इसी तरह सामाजिक कल्याण योजनाओं के लाभार्थियों को भी कई बार ऐसे प्रमाण पत्र जमा करने पड़ते हैं, जो पहले से सरकारी रिकॉर्ड में उपलब्ध होते हैं।
विभागों के बीच डेटा शेयरिंग होगी आसान
‘महा-आईडी’ और ‘महा-सारथी’ पोर्टल के एकीकरण से अलग-अलग सरकारी विभागों और डिजिटल प्लेटफॉर्म को आपस में जोड़ने की योजना है। इससे विभागों के बीच डेटा साझा करना आसान होगा और पात्रता के आधार पर पहले से सत्यापित जानकारी का इस्तेमाल किया जा सकेगा।
इस व्यवस्था से नागरिकों को कई अलग-अलग अकाउंट बनाने, अलग-अलग यूजरनेम और पासवर्ड याद रखने तथा बार-बार पहचान सत्यापन कराने की परेशानी से राहत मिलने की उम्मीद है।
स्वतंत्रता दिवस पर हो सकता है ऐलान
सरकारी सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ‘महा-आईडी’ पहल की रूपरेखा पेश कर सकते हैं। इसके बाद परियोजना को आधिकारिक तौर पर लॉन्च किए जाने की संभावना है। सरकार का लक्ष्य डिजिटल तकनीक के जरिए नागरिकों और सरकारी सेवाओं के बीच की प्रक्रिया को अधिक सरल और सुविधाजनक बनाना है।













